ओ माँ।
जहाँ खुशियों का मेला हो
परियों का बसेरा हो।
जहाँ धूप हो आशा की
ओर पाँव न जलते हो।
परियों का बसेरा हो।
जहाँ धूप हो आशा की
ओर पाँव न जलते हो।
जब चाँद को देखूँ तो
बादल पर्दे न डाले।
उम्मीदों की कश्ती को
बारिश न भिगो पाए।
बादल पर्दे न डाले।
उम्मीदों की कश्ती को
बारिश न भिगो पाए।
जहाँ मोल हो इंसा का
ईमान न बिकते हो।
रुपयों में सौदे ना हो
दिल मे सब बसते हो।
ईमान न बिकते हो।
रुपयों में सौदे ना हो
दिल मे सब बसते हो।
थामे तेरी उंगली
हर पल को जी लू मैं।
जो तेरा सहारा है
तूफान से लड़ लू मैं।
हर पल को जी लू मैं।
जो तेरा सहारा है
तूफान से लड़ लू मैं।
मैं छोड़ के सबकुछ माँ
सबकुछ मैं पा लूँगी।
बस साथ मेरे रहना
आकाश मैं छू लुंगी।
सबकुछ मैं पा लूँगी।
बस साथ मेरे रहना
आकाश मैं छू लुंगी।
Written by-
आकांक्षा मिश्रा।
आकांक्षा मिश्रा।

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